रिचय – केर-सांगरी का अचार
राजस्थान की मिट्टी में जन्मा स्वाद, जिसे दुनिया “राजस्थानी अचार” के नाम से जानती है, उसमें एक खास नाम है – Ker Sangri Achar Recipe।
केर (छोटा जंगली फल) और सांगरी (रेगिस्तानी बीन्स) का यह मेल राजस्थान की शुष्क धरती का तोहफा है।
जब इन दोनों को मसालों और सरसों के तेल में मिलाकर अचार बनाया जाता है तो उसका स्वाद हर भोजन को खास बना देता है।
Ker Sangri Achar Recipe केवल एक व्यंजन नहीं बल्कि राजस्थान की संस्कृति, परंपरा और मेहमाननवाज़ी का हिस्सा है।
राजस्थान में केर-सांगरी का महत्व
- केर और सांगरी सूखे रेगिस्तानी इलाकों में पाए जाते हैं।
- यह राजस्थान के “मरुस्थल का सुपरफूड” माने जाते हैं।
- शादी, त्योहार और दावतों में यह अचार खास तौर पर परोसा जाता है।
- बाजरे की रोटी और दाल-बाटी-चूरमा के साथ इसका स्वाद लाजवाब लगता है।
यही कारण है कि Ker Sangri Achar Recipe को राजस्थान का ट्रेडिशनल खजाना माना जाता है।
केर और सांगरी के फायदे
- फाइबर से भरपूर – पाचन शक्ति को दुरुस्त करता है।
- नेचुरल प्रिज़र्वेटिव – सूखे फल और बीन्स लंबे समय तक खराब नहीं होते।
- पोषक तत्व – विटामिन C, आयरन और कैल्शियम से भरपूर।
- गर्मी में उपयोगी – शरीर को ठंडा और संतुलित रखता है।
- आयुर्वेदिक महत्व – इसे शरीर के वात-पित्त को संतुलित करने वाला माना जाता है।
सामग्री – Ker Sangri Achar Recipe
1 किलो केर-सांगरी का अचार बनाने के लिए सामग्री:
- सूखी केर – 250 ग्राम
- सूखी सांगरी – 250 ग्राम
- सरसों का तेल – 500 मि.ली.
- नमक – 100 ग्राम
- हल्दी पाउडर – 2 बड़े चम्मच
- लाल मिर्च पाउडर – 3 बड़े चम्मच
- सौंफ – 2 बड़े चम्मच
- मेथी दाना – 1 बड़ा चम्मच
- राई (पीली सरसों) – 2 बड़े
- चम्मच
- जीरा – 1 बड़ा चम्मच
- हींग – ½ छोटा चम्मच
- सिरका – 2–3 बड़े चम्मच (लंबे समय तक स्टोर करने के लिए)
विधि – केर-सांगरी का अचार कैसे बनाएं
स्टेप 1: केर और सांगरी तैयार करना
- केर और सांगरी को रातभर पानी में भिगो दें।
- सुबह इन्हें हल्का उबाल लें ताकि इनकी कड़वाहट निकल जाए।
- अच्छे से छानकर धूप में सुखा लें।
स्टेप 2: मसाले तैयार करना
- सौंफ, मेथी दाना, जीरा और राई को हल्का भून लें।
- इन्हें दरदरा पीसकर उसमें हल्दी, लाल मिर्च और हींग मिला लें।
स्टेप 3: तेल गरम करना
- सरसों का तेल कढ़ाई में डालें और धुआँ निकलने तक गरम करें।
- गैस बंद करके तेल ठंडा होने दें।
स्टेप 4: मिश्रण बनाना
- उबली और सुखाई हुई केर-सांगरी को मसाले में अच्छे से मिलाएँ।
- अब इसमें गरम किया हुआ तेल और सिरका डालें।
स्टेप 5: स्टोर करना
- अचार को साफ और सूखे कांच के जार में भरें।
- ऊपर से तेल डालें ताकि केर-सांगरी पूरी तरह डूब जाए।
- जार को 4–5 दिन धूप में रखें।
आपका स्वादिष्ट Ker Sangri Achar Recipe तैयार है।
स्टोरेज टिप्स
- हमेशा सूखा और साफ चम्मच इस्तेमाल करें।
- अचार को ठंडी और सूखी जगह पर रखें।
- हर महीने अचार को धूप दिखाएँ।
- सही स्टोरेज से यह अचार 12–18 महीने तक खराब नहीं होता।
सर्विंग आइडियाज
- दाल-बाटी-चूरमा के साथ
- बाजरे की रोटी और छाछ के साथ
- पराठे और पूरी के साथ
- राजस्थानी थाली में स्पेशल डिश के रूप में
केर-सांगरी अचार की विविधताएँ
- खट्टा केर-सांगरी अचार – सिरका या नींबू डालकर।
- मसालेदार केर-सांगरी अचार – ज्यादा लाल मिर्च और गरम मसाले के साथ।
- लहसुन वाला केर-सांगरी अचार – लहसुन मिलाकर तीखा स्वाद।
ध्यान रखने योग्य बातें
- गीले चम्मच से अचार न निकालें।
- तेल कम न डालें वरना फफूंद लग सकती है।
- केर और सांगरी को अच्छे से उबालकर सुखाना ज़रूरी है।
FAQs – Ker Sangri Achar Recipe
Q1. केर-सांगरी का अचार कितने समय तक चलता है?
Ans. 12–18 महीने तक।
Q2. क्या इसे बिना तेल के बनाया जा सकता है?
Ans. हाँ, लेकिन शेल्फ लाइफ बहुत कम हो जाएगी।
Q3. केर और सांगरी कहाँ मिलते हैं?
Ans. हाँ, लेकिन शेल्फ लाइफ बहुत कम हो जाएगी।
Q4. क्या यह अचार हेल्दी है?
Ans. हाँ, इसमें फाइबर और मिनरल्स भरपूर हैं।
निष्कर्ष
Ker Sangri Achar Recipe राजस्थानी खानपान का अहम हिस्सा है। इसका स्वाद इतना लाजवाब होता है कि यह साधारण खाने को भी खास बना देता है। सही विधि और स्टोरेज से यह सालभर स्वाद बरकरार रखता है।
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